अज़रबैजान ने आर्मीनिया को ईरान बॉर्डर से धके’ला, पूरा क्षेत्र ख़ाली कराने..

October 22, 2020 by No Comments

नागोर्नो-काराबाख़ को लेकर ताज़ा जं’ग को 26 दिन हो चुके हैं लेकिन अभी तक इसका कोई हल नहीं निकल सका है. नागोर्नो काराबाख़ पर लम्बे समय से आर्मीनिया का अवैध क़ब्ज़ा है जिसको छुड़ाने के लिए अज़रबैजान कई बार कोशिश कर चुका है. इस बार शुरू हुई ल’ड़ाई में अज़रबैजान काफ़ी मज़बूत दिख रहा है. अज़रबैजान ने अर्मीनिया के क़ब्ज़े से काफ़ी क्षेत्र छुड़ा लिए हैं. जुमेरात के रोज़ अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव ने एक बयान जारी किया और कहा कि अज़रबैजानी फ़ौज ने अज़रबैजान-ईरान बॉर्डर के क्षेत्र को आर्मीनिया से पूरी तरह से ख़ाली करा लिया है.

अज़रबैजान की ओर से ये कामयाबी बड़ी मानी जा रही है. उन्होंने बताया कि अज़रबैजानी फ़ौज ने 20 और गाँव तथा एक शहर आर्मीनिया के क़ब्ज़े से छुड़ा लिया है. इसके साथ ही अज़रबैजान ने तीन शहर, 2 क़स्बे और 112 गाँव अर्मीनिया के क़ब्ज़े से छुड़ा लिए हैं. इसके पहले अज़रबैजान के राष्ट्रपति इलहाम अलियेव ने एक और बयान दिया था कि उनकी सेना ने जब्रायिल ज़िले में 13 और गाँवों को आर्मीनिया के क़ब्ज़े से छुड़ा लिया.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि सोल्तान्ली, एमिर्वरली, मशंली, अलिकेयखान्ली, गुम्लग, हजिली, गोयेर्चिन्वेय्सल्ली, नियाज़गुज्लर, केचेल मेम्मेडली, शःवेल्ली, हाजी इस्मयिल्ली, इसगली गाँवों को आर्मीनिया के क़ब्ज़े से छुड़ा लिया गया है. इसके साथ ही अलियेव ने अर्मीनिया पर आरोप लगाया कि वो यु’द्ध-विराम का उल्लंघन कर रहा है. उल्लेखनीय है कि सोवियत युनियन के कमज़ोर होने की शुरुआत के साथ ही ये विवा’द भी खड़ा हुआ था. नागोर्नो-काराबाख़ क्षेत्र अज़रबैजान का हिस्सा है लेकिन इस पर आर्मीनिया ने पिछले क़रीब 30 साल से क़’ब्ज़ा जमाया हुआ है. दूसरी ओर अर्मीनिया इसे अपना हिस्सा मानता है.

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