अज़रबैजान ने आर्मीनिया से जीता एतिहासिक शहर, अंतिम दौर में पहुँची जं’ग..

November 8, 2020 by No Comments

अज़रबैजान और अर्मीनिया के बीच चल रही जं’ग अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुकी है. इस जं’ग में अर्मीनिया लगातार पिछड़ता दिख रहा है. अब ख़बर आ रही है कि अज़रबैजान की सेना ने एतिहासिल शूशा शहर से अर्मेनियाई फ़ौज को खदेड़ दिया है. इतवार के रोज़ अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव ने घोषणा की कि 28 साल के अवैध क़ब्ज़े के बाद नागोर्नो-काराबाख़ क्षेत्र में पड़ने वाले निर्णायक शहर शूशा को अर्मीनिया से आज़ाद करा लिया गया है.

अलियेव ने कहा कि 28 साल बाद शूशा में अज़ान की आवाज़ सुनाई दी. उन्होंने कहा कि हमने पूरी दुनिया को बता दिया है कि नागोर्नो-काराबाख़ अज़रबैजानी ज़मीन है.”हमारी जीत का अभियान जारी है..अगर अर्मेनियाई नेता हमारी माँगों पर प्रतिक्रिया नहीं देते हैं तो हम आख़िर तक जायेंगे”, अलियेव ने कहा.

8 मई, 1992 को अर्मीनिया ने शूशा पर क़ब्ज़ा किया था. इस क़ब्ज़े को दुनिया के किसी देश ने मान्यता नहीं दी. ये शहर खानकेंदी(स्तेप्नाकार्ट) से स्ट्रेटेजिक ऊंचाई पर है और इसकी सड़क अर्मेनियाई टेरिटरी से जुड़ती है. ऐसा माना जाता है कि जो ये शहर जीतेगा वही जं’ग जीतेगा. ये शहर स्ट्रेटेजिक इम्पोर्टेंस रखता है. ऐसे में आर्मेनिया के लिए ये बड़ी हार हो सकती है.

उल्लेखनीय है कि सोवियत युनियन के कमज़ोर होने की शुरुआत के साथ ही ये विवा’द भी खड़ा हुआ था. नागोर्नो-काराबाख़ क्षेत्र अज़रबैजान का हिस्सा है लेकिन इस पर आर्मीनिया ने पिछले क़रीब 30 साल से क़’ब्ज़ा जमाया हुआ है. अर्मीनिया कहता है कि यहाँ उसके मूल के अधिक लोग रहते हैं इसलिए ये उसे दिया जाए लेकिन अन्तराष्ट्रीय कम्युनिटी इसे अज़रबैजान का हिस्सा मानती है.

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