अज़रबैजान के पक्ष में तुर्की का बड़ा बयान-‘..तो हम अपनी से’ना भेजेंगे..’

October 22, 2020 by No Comments

अज़रबैजान और आर्मीनिया के बीच चल रही जं’ग में तुर्की साफ़ तौर पर अपने पुराने साथी अज़रबैजान के साथ खड़ा नज़र आ रहा है. हालाँकि अभी भी तुर्की ने अपनी से’ना अज़रबैजान नहीं भेजी है लेकिन ये बात भी सच है कि तुर्की के रवैये की वजह से ही रूस आर्मीनिया का समर्थन करने से पीछे हट रहा है. असल में रूस नहीं चाहता कि तुर्की से वो कोई ट’कराव करे. अब इस मामले में तुर्की के उप-राष्ट्रपति फुअत ओकते ने बड़ा बयान दिया है.

बुधवार के रोज़ तुर्की के उप-राष्ट्रपति ने बयान दिया कि अगर अज़रबैजान आग्रह करता है तो तुर्की अपनी से’ना भेजने में हिचकिचाएगा नहीं. आर्मीनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयाँ ने इसके पहले कहा था कि नागोर्नो-काराबाख़ में वो इस समय किसी डिप्लोमेटिक सलूशन के लिए तैयार नहीं है. आर्मीनिया की ओर से जारी बयान से लगता है कि वो इस जं’ग में काफ़ी पिछड़ रहा है और अगर अभी कोई समझौता हो जाता है तो उसे क़ब्ज़ा की हुई काफ़ी ज़मीन छोड़नी होगी.

उल्लेखनीय है कि सोवियत युनियन के कमज़ोर होने की शुरुआत के साथ ही ये विवा’द भी खड़ा हुआ था. नागोर्नो-काराबाख़ क्षेत्र अज़रबैजान का हिस्सा है लेकिन इस पर आर्मीनिया ने पिछले क़रीब 30 साल से क़’ब्ज़ा जमाया हुआ है.अर्मीनिया कहता है कि यहाँ उसके मूल के अधिक लोग रहते हैं इसलिए ये उसे दिया जाए लेकिन अन्तराष्ट्रीय कम्युनिटी इसे अज़रबैजान का हिस्सा मानती है.

तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एरदोगन ने नागोर्नो-काराबाख़ के मुद्दे पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की. उन्होंने कहा कि तुर्की चाहता है कि नागोर्नो-काराबाख़ का परमानेंट सलूशन निकाला जाए. तुर्की राष्ट्रपति दफ़्तर ने एक बयान जारी कर कहा कि दोनों देशों ने क्षेत्रीय वि’वाद पर बात की जिसमें अज़रबैजानी-आर्मीनियाई वि’वाद अहम् तरह से डिस्कस किया गया.

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