14 साल के औरंग’ज़ेब की तरफ़ जब तेज़ी से दौ’ड़ा था पाग’ल हा’थी लेकिन औरंग’ज़ेब ने..

March 21, 2021 by No Comments

मुग़’ल बा’दशाह औरंग’ज़ेब (Aurangzeb) अपने दौर के सबसे ता’क़तव’र बाद’शाह थे. उनके दौर में भारत विश्व का स’बसे श’क्तिशाली देश था जिसकी अर्थव्यवस्था दुनिया की नंबर एक अर्थव्यवस्था थी लेकिन हम आज उनके शासन का’ल की नहीं कर रहे बल्कि हम बात कर रहे हैं उस एक वाक़ये की जब औरंग’ज़ेब 14 साल के थे. 28 मई 1633 को औरंग’ज़ेब ने शायद प’हली बार ही इस दि’लेरी का परिचय लोगों के साम’ने कराया था.

आने वाले दौर का बाद’शाह मु’ग़ल कंपाउंड में था तभी एक पाग’ल हा’थी ने हम-ला-आवर रुख़ ले लिया. जहाँ आस-पास खड़े सभी लोग अपनी जा’न बचा कर इधर-उधर भा’गने लगे, औ’रंगज़ेब अपनी जगह पर खड़े रहे और जैसे ही हा’थी उस पर ह’मला करने को हुआ, उसने अपने भा’ले से हा’थी की सूंढ़ पर ज़ोरदार प्र’हार किया. हा’थी ज़-ख़्मी हो गया, 14 साल के औ’रंगज़ेब ने अपना जौहर दिखा दिया.

औरंग’ज़ेब के इस शानदार का’रनामे से ख़ुश उसके पिता शाहजहाँ ने उसे “बहा’दुर” का ख़िताब दिया. जानकारी के लिए बता दें कि इस समय बाद’शाह शाहजहाँ ही थे. शाहजहाँ ने अपने “बहा’दुर” बेटे को सोने में तोला और 2 लाख रूपये के उपहार दिए. इस वाक़ये के बाद औरंग’ज़ेब ने कहा,”अगर हा’थी से ल’ड़ाई में मेरी जा’न भी चली जाती तो कोई श’र्म की बात ना होती..मौ-त तो बाद’शाहों पर भी आती है, ये कोई ज़िल्ल’त नहीं..ज़िल्ल’त तो वो है जो मेरे भाइयों ने किया”. जब हा’थी ने हमला किया उस वक़्त औ’रंगज़ेब के भाई अपनी जा’न बचाने में लग गए थे लेकिन औ’रंगज़ेब ने अपनी जगह से ह’टना ठीक ना समझा

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