अशोक गहलोत सरकार के पक्ष में दिखे भाजपा नेता, इस बयान ने दिए संकेत..

July 18, 2020 by No Comments

राजस्थान: राजस्थान के राजनीतिक घमा’सान ने नया रुख ले लिया है। जिसके चलते भारतीय जनता पार्टी के नेता और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंध’रा राजे के करीबी कैलाश मेघवाल ने अपनी ही पार्टी के खि’लाफ आवाज उठाई है। उन्होंने कहा है कि चुनी हुई सरकार को गिराने की कोशिश गलत है। अपनी ही पार्टी को नसीहत देते हुए मेगवाल ने कहा कि सरकार गि’राने की कोशिश ना करें, यह नैतिकता के खि’लाफ है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी फैसले में वसुंध’रा राजे से बात करनी चाहिए।

भाजपा के नेता मेघवाल ने कहा है कि “राजस्थान की राजनीति आज पटरी से उतरी हुई है और इसकी वजह से जनता को बहुत परे’शान होना पड़ रहा है। जनसंघ से लेकर बीजेपी तक के सफर में नेताओं ने यही आदर्श रखा कि नैतिक मूल्यों की राजनीति होनी चाहिए और आज की राजनीति जैसी हो रही है वह अनैतिक है।” उन्होंने आगे कहा कि “आज जो रहा है, वह अनैतिक मूल्यों की राजनीति हो रही है। चुनी हुई किसी भी सरकार को अनावश्यक रूप से, अलोकतांत्रिक तरीके से हटा’ना गलत और अनैतिक है। हम पार्टी विद डिफरेंस हैं। सरकार गिरा’ने की साजिश ऐसे पहले कभी नहीं हुई। सरकार गिराने की सा’जिश अनैतिक है।”

गुरुवा’र को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के नेता हनुमान बेनीवाल ने दावा किया था कि राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंध’रा राजे भी अशोक गहलोत सरकार को बचाने में लगी हुई हैं। वसुंध’रा राजे पर आरोप लगाते हुए हनुमान बेनीवाल कहते हैं कि गहलोत सरकार को बचाने के लिए राजे ने कई कांग्रेसी नेताओं को फोन किए हैं। बेनीवाल ने इस संबंध में कई ट्वीट भी किए हैं। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा कि “पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्ध’रा राजे, राजस्थान में अशोक गहलोत की अल्पमत वाली सरकार को बचाने का पुरजो’र प्र’यास कर रही हैं। राजे द्वारा कांग्रेस के कई विधायकों को इस बारे में फोन भी किए गए।”

Vasundhara Raje


वहीं शुक्रवा’र को भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के सभी आरो’पों को खा’रिज कर कहा है कि यह पूरा षड्यंत्र कांग्रेस पार्टी के अंदर ही रचा जा रहा है। ऐसे में सरकार को फोन टैपिंग करने के साथ साथ सीबीआई जांच भी करानी चाहिए। इस मामले में बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि ” राजस्थान में कांग्रेस की राजनीतिक नौटंकी हम देख रहे हैं। षड्यंत्र, झूठ फरेब और कानून को ताक पर रखकर कैसे काम किया जाता है, यह उसका मिश्र’ण है।”

उन्होंने आगे कहा कि “कुछ ऑडियो टेप के माध्यम से आरो’प लगाया जा रहा है कि भाजपा द्वारा कांग्रेस पार्टी को तो’ड़ने का प्रयास किया जा रहा है।” आपको बता दें कि 2018 में अशोक गहलोत के सीएम बनने के बाद से ही सचिन पायलट असंतु’ष्ट चल रहे थे। वहीं पिछले हफ़्ते अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच गर्मा गर्मी ने अलग ही रुख ले लिया है। जिसके चलते पायलट और उनके खेमे के 19 विधायकों ने गहलोत के खि’लाफ बगा’वत का बिगुल बजा दिया। इसी वजह से सचिन को राजस्थान के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष के पद से बेदखल कर दिया गया।

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