अशोक गहलोत नहीं चाहते कोई मुश्किल, इसीलिए अब उठाने जा रहे हैं ये क़दम..

July 31, 2020 by No Comments

जयपुर: राजस्थान सरकार का सियासी संकट अब अपने अंतिम अध्याय की ओर बढ़ रहा है. इस बीच ऐसी ख़बर मिल रही है कि विधानसभा में बहुमत सिद्ध करने को लेकर कांग्रेस एक्शन प्लान तैयार किये हुए है. विधानसभा में इस मुद्दे पर वोटिंग तो होनी लगभग तय है लेकिन राज्यपाल अभी सेशन नहीं बुलाना चाहते. कांग्रेस आरोप लगा रही है कि राज्यपाल भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं. हालाँकि कांग्रेस आश्वस्त भी है कि उसके पास बहुमत है.

राजस्थान में सियासी उबाल तब आया जब राजस्थान के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अपनी ही पार्टी की सरकार के ख़िलाफ़ बग़ावत कर दी. पायलट ख़ुद मुख्यमंत्री बनना चाहते थे लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी तत्परता दिखाई और सचिन पायलट ख़ेमे की बग़ावत को फ़ेल कर दिया. हालाँकि भाजपा इस सब मामले में एक तरह से फँस चुकी है और बिना किरकिरी कराये बाहर निकलना चाहती है.

अशोक गहलोत ने यही सब देखते हुए अब अपने विधायकों को किसी और शहर में शिफ्ट करने का फ़ैसला किया है. मिल रही जानकारी के अनुसार, गहलोत कैंप के विधायकों को आज (शुक्रवार) स्पेशल फ्लाइट के जरिए किसी अन्य शहर में शिफ्ट किया जा सकता है. अभी तक सभी विधायक जयपुर स्थित फेयरमाउंट होटल में ठहरे हुए हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का दावा है कि उन्हें 102 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. सभी विधायकों को 14 अगस्त तक के लिए किसी दूसरे शहर में शिफ्ट किया जा सकता है.

दरअसल राज्यपाल कलराज मिश्र ने बड़ी न-नुकुर के बाद गहलोत सरकार को 14 अगस्त से विधानसभा सत्र बुलाने की अनुमति दे दी है. मुख्यमंत्री गहलोत ने गुरुवार को विधायकों की ख़रीद-फ़रोख्त को लेकर कहा, ‘कल रात से जब से विधानसभा सत्र बुलाने की घोषणा हुई है, राजस्थान में खरीद-फरोख्त (विधायकों की) का रेट बढ़ गया है. इससे पहले पहली किश्त 10 करोड़ और दूसरी किश्त 15 करोड़ रुपये थी. अब यह असीमित हो गई है. सब लोग जानते हैं कौन लोग ख़रीद-फरोख्त कर रहे हैं.’

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