अशोक गहलोत का दबाव आया काम? राज्यपाल ने दिए ये संकेत..

July 27, 2020 by No Comments

जयपुर: राजस्थान की सियासत में अशोक गहलोत एक बार फिर आगे दिखाई दे रहे हैं. गहलोत कैम्प ने राज्यपाल पर लगातार दबाव बनाया हुआ था कि विधानसभा का सेशन बुलाया जाए लेकिन राज्यपाल की ओर से इसमें उतनी जल्दबाज़ी नहीं दिखाई दे रही थी. अब राजभवन की ओर से एक बयान जारी हुआ है. इस बयान में कहा गया है कि ‘महामहिम’ की सलाह है कि विधानसभा सत्र के लिए 21 दिन का नोटिस दिया जाना चाहिए. अगर विश्वास मत की नौबत आती है तो इसका लाइव प्रसारण किया जाए और कोरोना से बचने के लिए 200 विधायकों और कम से कम 100 अधिकारियों की सोशल डिस्टेंसिंग के इंतज़ामों का ख़याल रखा जाए.

राज्‍यपाल कलराज मिश्रा ने एक बयान में कहा,”राज्यपाल की मंशा यह कतई नहीं है कि विधानसभा का सत्र न बुलाया जाए.” उन्होंने यह पूछा है कि क्या मुख्यमंत्री विश्वास मत लाना चाहते हैं. क्या आप विश्वास प्रस्ताव लाना चाहते हैं? प्रस्ताव में इसका उल्लेख नहीं है लेकिन सार्वजनिक रूप से आप (मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत) बयान दे रहे हैं कि आप कॉन्फिडेंस मोशन लाना चाहते हैं.
Ashok Gehlot’s Meeting[/caption]
राज्यपाल ने यह भी कहा कि कोरोना वायरस की महामारी के दौरान सभी विधायकों को अल्प सूचना पर कॉल करना मुश्किल होगा “क्या आप विधायकों को 21 दिन का नोटिस देने पर विचार कर सकते हैं?” राज्‍यपाल के अनुसार, उनका एक सवाल यह भी है कि सत्र के दौरान सामाजिक गड़बड़ी (सोशल डिस्‍टेंसिंग) के नियमों को पालन किस तरह से किया जाएगा. इससे पहले राज्‍यपाल कलराज मिश्रा ने जब शुक्रवार को सीएम अशोक गहलोत के पहले प्रस्ताव को खारिज कर दिया था तो इसके कारणों पर प्रकाश डाला था. उन्होंने ध्यान दिलाया था कि प्रस्ताव में किसी एजेंडे का उल्लेख नहीं है और उन्होंने एक तारीख भी मांगी है.

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