अर्मीनिया से यु’द्ध के बीच अज़रबैजान को रूस से मिला समर्थन, ड्यूमा के सदस्य..

October 5, 2020 by No Comments

बाकू/येरावन/मास्को: अज़रबैजान और आर्मीनिया के बीच काराबाख़ क्षेत्र में चल रहे यु’द्ध में अब तक रूस ने न्यूट्रल पोज़ीशन अपनायी हुई है. अर्मीनिया को ऐसी उम्मीद थी कि रूस उसकी ओर से अज़रबैजान के ख़िलाफ़ लड़ेगा जबकि अज़रबैजान चाहता था कि रूस इस यु’द्ध में किसी की साइड न ले. रूस इस बात को जानता है कि अगर वो इस यु’द्ध में एक्टिव होता है तो उसका सामना तुर्की से हो सकता है और अब तक दो देशों के बीच चल रहे यु’द्ध में कई और देश शामिल हो सकते हैं.

अब रूस से अज़रबैजान के लिए समर्थन मिलता नज़र आ रहा है. रूसी स्टेट ड्यूमा के सदस्य और रूस-अज़रबैजान फ्रेंडशिप ग्रुप, AZERTAC के हेड दमित्री सवेल्येव ने आर्मीनिया की आलोचना की. उन्होंने कहा कि अज़रबैजान के दूसरे सबसे बड़े शहर गंजा में अर्मीनिया द्वारा राकेट से हमला किया जाना ‘वार क्राइम’ है. उन्होंने कहा कि मेरे नज़रिए से फ्रंट लाइन से 60 किलोमीटर दूर शहर पर हमला करने का उद्देश्य नागरिकों पर हमला करना था और अज़रबैजानी लोगों का नुक़सान करना था.

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएँ भविष्य में न हों, इसलिए वैश्विक कम्युनिटी को ऐसे क़दम का मज़बूती से विरोध करना चाहिए और अर्मीनियाई अथॉरिटीज़ पर दबाव डालना चाहिए. आपको बता दें कि अज़रबैजान ने अब तक के यु’द्ध में अर्मीनिया से कई ऐसे इलाक़े जीत लिए हैं जो अज़रबैजान के हैं लेकिन क़ब्ज़ा अर्मीनिया का था. अज़रबैजान की कोशिश है कि स्तेप्नाकार्ट को जीत ले, स्तेप्नाकार्ट काराबाख़ क्षेत्र का सबसे बड़ा शहर है. अर्मीनिया अब तक की लड़ाई में बुरी तरह पिछड़ रहा है.

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