आर्मीनिया के साथ-साथ एर्दोआन ने यूरोप को भी दी चेता’वनी,’द’बाने की कोशिशें..’

October 2, 2020 by No Comments

अंकारा: राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने शुक्रवार के रोज़ अज़रबैजान का समर्थन करने की बात दोहराई. उन्होंने कहा कि जब तक नागोर्नो-काराबाख़ को आर्मीनिया के अवैध क़ब्ज़े से बचाया नहीं जाता है तब तक संघर्ष जारी रहेगा. राष्ट्रपति एर्दोआन ने कहा कि जब इस पूरे क्राइसिस को आप समझते हैं तो आपको मालूम चलेगा कि काकेशस से सीरिया से लेकर मेडीटेरेनियन तक तुर्की को द’बाने की कोशिश की जा रही है.एर्दोआन ने ये इशारा यूरोप और फ़्रांस की तरफ़ किया है.

उन्होंने कहा कि अन्तराष्ट्रीय कम्युनिटी अगर उत्तरी काराबाख़ के क्षेत्र के लिए कुछ करना चाहती है तो उसे अर्मीनिया को अज़रबैजान की ज़मीन छोड़ने के लिए राज़ी करना होगा. अज़रबैजान और अर्मीनिया के बीच 30 साल पुराने विवाद को लेकर दोनों देश एक दूसरे के ख़िलाफ़ यु’द्ध की स्थिति में हैं.दोनों ही देशों के बीच विवा’द पु’राना है जिसे नागोर्नो-कराबख वि’वाद के नाम से जाना जाता है. इस साल जुलाई में भी दोनों देशों के बीच झ’ड़प हुई जिसको दोनों ही देशों ने अपनी अपनी जी’त बताया.

अन्तराष्ट्रीय कम्युनिटी इस पर एकमत है कि ये क्षेत्र अज़रबैजान का है और आर्मीनिया ने इस पर क़ब्ज़ा किया हुआ है. अज़रबैजान का कहना है कि आर्मीनिया को अब ये क्षेत्र छोड़ना ही होगा. अज़रबैजान को तुर्की जैसे देशों से समर्थन हासिल है जबकि रूस और ईरान ने दोनों देशों को बातचीत पर लौटने के लिए कहा है. भारत ने भी दोनों देशों को कहा है कि किसी भी विवाद का हल आख़िर बातचीत ही है तो दोनों देशों को बातचीत पर लौटना चाहिए. अभी तक की ख़बर के मुताबिक़ अज़रबैजान अर्मीनिया पर भारी पड़ रहा है.

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