टुनिस: अरब क्रांति के समय तुनिशिया उन देशों में से एक माना गया था जहाँ ये सबसे पहले हुई थी. इतना ही नहीं ये एक मात्र देश माना गया जहाँ अरब क्रांति के बाद लोकतान्त्रिक मूल्यों की स्थापना हो सकी. लोकतान्त्रिक मूल्यों के लिए हुई अरब क्रांति को जिस तरह तुनिशिया ने लीड किया उससे ज़ाहिर है कि अरब जगत को इस देश से बहुत उम्मीदें हो गईं.

हालाँकि अब इस तरह की ख़बर है कि तुनिशिया में हालात थोड़े अलग से हैं. राजनीतिक हालात पहले की तरह नज़र नहीं आ रहे हैं. राष्ट्रपति काएस सईद एक तरह से मुश्किलों में दिख रहे हैं लेकिन अब उन्हें समर्थन भी मिलने लगा है. ख़बर है कि तुनिशिया की इस्लामिस्ट एन्नाह्दा पार्टी के नेता रचेद घंनौची ने राष्ट्रपति को अपना समर्थन दिया है.

पहले उनकी पार्टी ने राष्ट्रपति सईद का विरोध किया था लेकिन अब वह राष्ट्रपति को अपना समर्थन देने के लिए तैयार हो गए हैं. अल अरबिया समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि हम राष्ट्रपति काएस सईद का समर्थन करते हैं और हम वो सब करेंगे जो उनकी कामयाबी सुनिश्चित करेंगे. उन्होंने यहाँ तक कहा कि अगर उन्हें देश की स्थिरता के लिए कोई क़ुर्बानी देनी होगी तो वो इसके लिए भी तैयार हैं.

उन्होंने कहा कि हम राष्ट्रपति के रोडमैप का इंतज़ार कर रहे हैं और कोई भी हल निकलना है तो वो बातचीत से ही निकलेगा, ऐसी बातचीत जो उनके सुपरविज़न में हो रही है. उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि पार्लियामेंट सरकार के रवैये को सकारात्मकता से लेगी.

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