फ़्रांसिसी सामान के बहिष्कार के बीच क़तर की यूनिवर्सिटी का बड़ा एक्शन…

October 27, 2020 by No Comments

फ़्रांसीसी सरकार की इस्ला’मोफोबिक नीति की वजह से उसकी समूचे मु’स्लिम वर्ल्ड में निं’दा हो रही है. फ़्रांसिसी राष्ट्रपति एम्मनुअल मक्रों ने ऐसे कई बयान दिए हैं जिससे मुस्लि’म दुनिया में उनके प्रति नारा’ज़गी बढ़ी है. तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एरदोगन मानते हैं कि मक्रों इ’स्लामोफो’बिया और मुसल’मानों के ख़ि’लाफ़ नफ़’रत फैलाने वाले लोगों के लिए नेता बनकर उभरे हैं. फ़्रां’सिसी राष्ट्रपति की नी’तियों का असर अब फ़्रांस की अर्थव्यवस्था पर प’ड़ने लगा है.

मु’स्लिम देशों में फ़्रांस के सामान का बा’यकाट करने की मुहिम चल रही है. सोशल मीडिया पर ब’ड़े स्तर पर कै’म्पेन चल रही है जिसके तहत फ़्रांसिसी सामान के बायका’ट की बात कही जा रही है. फ़्रांस के ने’ताओं को शायद इस बात का अंदाज़ा नहीं था और इसका प्रभाव फ़्रांसिसी अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. फ़्रांस के लिए अरब-मुस्लिम वर्ल्ड बड़ा बाज़ार है और अगर वहाँ उसका वि’रोध बढ़ता है तो कोरोना काल में उसकी अर्थव्यवस्था के लिए भारी सं’कट हो सकता है.

इस बीच ख़बर है कि क़तर और कुवैत जैसे देशों में भी फ़्रांस के सामान का वि’रोध शुरू हो गया है. लीबिया की राजधानी ट्राइपोलि में भी फ़्रांसीसी राष्ट्रपति एम्मनुअल मक्रों के ख़ि’लाफ़ प्रदर्शन हुए. क़तर ने अपनी एक यूनिवर्सिटी में फ़्रांसिसी कल्चरल वीक को स’स्पेंड कर दिया. कुवैत और सऊदी अरब के कई सुपर मार्किट से फ़्रांसिसी सामान को ह’टा दिया गया है. ये फ़्रांस के लिए बड़ा झ’टका है. फ़्रांस की सरकार में बैठे लोग अब चिं’तित लग रहे हैं.

आपको बता दें कि फ़्रांस में एक मुस्लि’म युवक द्वारा टीचर की ह’त्या कर देने के बाद फ़्रांस ने कई ऐसे क़दम उठाये हैं जिसकी कड़ी निं’दा हो रही है. मु’स्लिम देशों ने ह’त्या की भ’र्त्सना की है लेकिन इसके बाद जो क़’दम फ़्रांस ने उठाये हैं वो धर्म-विशेष के ख़िला’फ़ उठाये गए क़’दम लग रहे हैं. पेरिस की एक मस्जिद को भी फ़्रां’सिसी सरकार ने इसी सिलसिले में बं’द कर दिया जिसका मुस्लि’म समुदाय ने बुरा माना है.

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