अनुच्छेद 370 ख़त्म करने के ख़िलाफ़ एकजुट हुए जम्मू-कश्मीर के नेता, फ़ारूक़ अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती के साथ..

October 15, 2020 by No Comments

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर सियासत में आज एक बड़ी घटना हुई. तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों ने अपने दलीय मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने की बात कही. इसको लेकर मुद्दा अनुच्छेद 370 को हटाए जाने का और राज्य को दो हिस्सों में बाँटकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने का था. इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री और जम्मू कश्मीर सियासत के वरिष्ठ नेता फ़ारूक़ अब्दुल्ला के घर बैठक हुई. इस बैठक में नेशनल कांफ्रेंस के अलावा पीडीपी, पीपल्स कांफ्रेंस, और लेफ़्ट पार्टीज़ ने शिरकत की.

फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार को 5 अगस्त 2019 के पहले जैसी स्थिति को बहाल करना होगा. उन्होंने पीडीपी के साथ गठबंधन का एलान किया. पीडीपी की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की रिहाई के बाद इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था. इस बैठक में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35 ए हटाने के खिलाफ चर्चा होनी थी. दरअसल, 4 अगस्त 2019 को पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला (Farooq Abdulla) के गुपकार स्थित आवास पर तमाम दलों की पहली सर्वदलीय बैठक हुई थी.

इसे गुपकार डेक्लरेशन या गुपकार घोषणा कहा गया था. इस नाम से जारी बयान में राज्य की पहचान, स्वायत्तत्ता और उसको मिले विशेष अधिकारों के लिए मिलकर संघर्ष की बात कही गई थी. अगले ही दिन 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने की घोषणा की थी. इसके तहत राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटा गया था. जम्मू-कश्मीर में इसका भारी विरोध देखने को मिला था. केंद्र सरकार ने जिस तरह से ये फ़ैसला लिया इसका विरोध विपक्षी दलों ने भी ख़ूब किया था. विपक्षी दलों में कुछ का विरोध इस बात की वजह से ज़्यादा हो गया था कि केंद्र सरकार ने राज्य को केंद्र शासित प्रदेश कर दिया.

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