डोनाल्ड ट्रम्प को एक और झ’टका, रूस के साथ सऊदी अरब ने किया…

रियाज़: सऊदी अरब के बारे में कहा जाता है कि इसके संबध अमरीका से बहुत अच्छे हैं. कई जानकार तो यहाँ तक कहते हैं कि सऊदी अरब सरकार के अहम् फ़ैसलों में भी संयुक्त राज्य अमरीका का दख़ल होता है. परन्तु पिछले कुछ समय से इस तरह की भी बातें चल रही हैं कि रूस और सऊदी अरब के सम्बन्ध में बेहतरी हो रही है और साथ ही अमरीका का दख़ल अब पहले जैसा सऊदी अरब पर नहीं रह गया है.

हालाँकि ऐसा कहना कि सऊदी अरब और अमरीका के संबंधों में कोई कमी आयी है तो ग़लत बात होगी. इस बीच सऊदी अरब और रूस ने अपने संबंधों में सुधार की एक और पहल की है. आर्थिक तौर पर संबंधों में विशेष कार्य करते हुए सऊदी-रूस ने आर्थिक समिति बनाई है. इस समिति की पहली मीटिंग की अध्यक्षता क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने की.

सोमवार के रोज़ हुई इस मीटिंग में कई अहम् फ़ैसले लिए गए. सऊदी अरब में विज़न 2030 के लिए चल रही विकास की गतिविधि में रूस भी अब बड़ा रोल अदा करेगा. पीर के रोज़ हुई इस अहम् मीटिंग में २० अग्रीमेंट पर दस्तख़त किए गए. इसमें तेल और ऊर्जा इंडस्ट्री, स्पेस और सॅटॅलाइट, जस्टिस, हेल्थ सेवायें,, टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन जैसी ट्रेड डील्स पर दस्तख़त हुए. रूसी राष्ट्रपति की ये 2012 के बाद पहली सऊदी अरब यात्रा है.

आपको बता दें कि रूस ने 2014 में तेल की क़ीमतों को स्थिर रखने के लिए ओपेक का सहयोग दिया था. पिछले कुछ वर्षों में रूस अरब देशों के नज़दीक आने की कोशिश में है. इस वजह से संयुक्त राज्य अमरीका को भी अपनी स्थिति में विचार की ज़रूरत, जानकार मानते हैं. उल्लेखनीय है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सत्ता में आने के बाद से ही अमरीका के सम्बन्ध अपने सहयोगी देशों से कभी अच्छे कभी ख़राब से हो गए हैं. इसका फ़ायदा रूस और चीन जैसे देशों ने उठाया है.

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