अमित शाह को किसानों ने दिया जवाब,’उनकी कोई शर्त मंज़ूर नहीं है’

November 29, 2020 by No Comments

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के प्रस्ताव को किसानों ने अस्वीकार कर दिया है. केंद्र सरकार के रवैये की किसानों ने आलोचना की है. किसानों ने कहा कि अमित शाह ने वार्ता के साथ शर्त भी रख दी है जो उन्हें बिलकुल मंज़ूर नहीं है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने एक वीडियो जारी कर आंदोलित किसानों (Farmers Protest) को 3 दिसंबर को बातचीत का न्योता दिया था. शाह ने कहा था कि अगर किसान उससे पहले वार्ता करना चाहते हैं तो उन्हें दिल्ली-हरियाणा सीमा (Delhi-Haryana Border) पर मोर्चेबंदी छोड़कर बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड पर जाना होगा.

किसान नेताओं का कहना है कि वो बुराड़ी कभी नहीं जाएँगे क्यूँकि वो जगह एक जेल की तरह है जहाँ वो पड़े रहेंगे और सरकार उनकी ख़बर तक लेने नहीं आएगी. केंद्र सरकार में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी बातचीत का न्योता दे तो चुके हैं लेकिन साथ ही वो तारीख़ बताते हैं 3 दिसम्बर. आख़िर ऐसी क्या वजह है कि अभी किसानों से बात नहीं की जा रही है, किसान नेताओं में कुछ तो यहाँ तक कह रहे हैं कि भाजपा के लिए ज़्यादा ज़रूरी किसान नहीं हैं, इनके लिए ज़रूरी हैदराबाद म्युनिसिपल चुनाव है.

किसान आन्दोलन के नेताओं ने साफ़ कर दिया है कि वो आगे की रणनीति बना रहे हैं और सरकार को उनकी माँग माननी ही होगी. किसानों का कहना है कि जो क़ानून किसानों को लेकर बना है उसे वापिस लिया जाए. किसान नेता साफ़ कह रहे हैं कि मोदी सरकार कह रही है कि ये किसानों के फ़ायदे के लिए है लेकिन इसकी माँग की किसने थी.

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी कहा था कि हम विरोध प्रदर्शन के लिए एक निजी स्थल निरंकारी ग्राउंड पर नहीं जाएंगे. विरोध प्रदर्शन की जगह तो रामलीला मैदान ही तय है. किसान पिछले तीन माह से कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं. लेकिन हमारी कोई बात केंद्र सकार द्वारा नहीं सुनी जा रही है.

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