इलाहाबा’द: कुलपति की अज़ा’न से नीं’द होती है ख़’राब, म’स्जिद प्र’शासन ने उ’ठाया बड़ा क़’दम..

March 22, 2021 by No Comments

लखनऊ: उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरी दुनिया में नाम कमाने वाली इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की वीसी ने पिछले दिनों एक ऐसी बात कह दी जिसके बाद चर्चा अलग ही तरह से हो रही है. दरअसल इलाहाबाद केंद्रीय यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर सं’गीता श्रीवास्तव ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को एक पत्र लिखा है जिस पर एक लंबी ब’हस चलती हुई दिखाई दे रही है.

मामला इस तरह है कि इलाहाबाद केंद्रीय यूनिवर्सिटी के कुलपति संगीता श्रीवास्तव ने अपने पत्र में लिखा है कि म’स्जिदों में होने वाली अजान से उनकी नींद खरा’ब हो रही है. इसके साथ ही संगीता श्रीवास्तव ने यह मांग की है कि इसे बं’द कराया जाए इलाहाबाद केंद्रीय यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने कमिश्नर संजय गोयल,आईजी कविंद्र प्रताप सिंह,जिला अधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी और एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी से इस बात की लिखित शिकायत की है.

हालांकि संगीता श्रीवास्तव की नींद ख’राब होने की वजह से मस्जि’द कमेटी ने मीनार पर लगे हुए लाउडस्पीक’र का रुख संगीता श्रीवास्तव के घर से दूसरी तरफ कर दिया है ताकि संगीता श्रीवास्तव आराम से सो सकें. अब इस मामले पर जवाब में मु’स्लिम समाज के सु’न्नी ध’र्मगुरु भी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। मौलाना सुफियान निजामी ने इस मामले पर अपनी प्रति’क्रिया देते हुए कहा कि इलाहाबाद केंद्रीय यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव जिस शहर में रहती हैं. यह वही शहर है जहां बहुत बड़ा कुं’भ होता है और उसकी आवाज में ला’उडस्पीकर पर पूरे महीने गूं’जती रहती हैं.

इस दौरान सड़कें भी बंद होती हैं मं’दिरों में आरती हमेशा होती है लेकिन किसी भी मुस्लि’म समाज के व्यक्ति ने इसको बं’द कराए जाने को लेकर या अपनी इसको परे’शानी बता कर कोई चि’ट्ठी नहीं लिखी है सु’न्नी ध’र्मगुरुओं ने यह भी कहा कि यहां हर साल कां’वड़ या’त्रा भी निकलती है और होली के त्यौहार पर सड़कें पूरी तरह से बं’द कर दी जाती हैं.

साथ ही साथ लाउ’डस्पीकर भी बजते रहते हैं लेकिन किसी भी मुस’लमान को इस बात से कभी ऐ’तराज़ नहीं रहा मु’स्लिम ध’र्मगुरु मौ’लाना सुफियान निजामी ने आगे यह भी कहा और यह आ’शंका जाहिर की कि ऐसा लगता है कि यह एक सोची सम’झी साजि’श का हि’स्सा है आपको बता दें कि म’स्जिदों में होने वाली अजान को लेकर और उसे बं’द कराए जाने के मांग कोई नई नहीं है बल्कि यह समय-समय पर कहीं ना कहीं से उठती रहती है यह मामला जब लोगों के सामने आया तो इस पर लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रि’या दी है और इसे पूरी तरह जनता को बेव’जह के मामलों में उलझा’ने वाला मुद्दा बताया है।

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