अखिलेश यादव ने बनाया जयंत चौधरी के लिए प्लान, 2024 लोकसभा से पहले ये..



समाजवादी पार्टी की सहयोगी पार्टी रालोद के अध्यक्ष जयंत चौधरी को राज्यसभा भेजने की अटकलें तेज़ हैं. उत्तर प्रदेश में जून और जुलाई में राज्यसभा चुनाव होंगे, ऐसे में उम्मीद है कि सपा-रालोद की ओर से जयंत उम्मीदवार बनेंगे. रालोद के पास कुल 8 सीटें हैं जबकि बाक़ी सपा के खाते से पूरी की जाएँगी.

प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने 111, रालोद ने आठ और सुहैल देव भारतीय समाजवादी पार्टी ने छह सीटें जीती हैं। गठबंधन ने 125 सीटों पर जीत हासिल कर भाजपा के ख़िलाफ़ मज़बूत चुनौती पेश की है. जून-जुलाई में राज्यसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में गठबंधन की कोशिश होगी कि बड़े चेहरों को उच्च सदन में भेजा जाए.

प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ने ने इनकार कर चुके रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह को इस बार राज्यसभा भेजे जाने की तैयारी है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि चुनाव के नतीजों के बाद सपा और रालोद नेताओं में बातचीत हुई है।



2017 के चुनाव में रालोद को सिर्फ छपरौली की सीट मिली थी, उसमें भी जीत का अंतर बहुत अधिक नहीं था। इस बार रालोद ने आठ सीटें जीती हैं। पश्चिमी यूपी में भाजपा को सबसे बड़ा सियासी नुकसान करने में रालोद कामयाब रहा है। गठबंधन में चौधरी जयंत सिंह ने खुद को मजबूत से पेश किया है। मुजफ्फरनगर दंगे के बाद पहली बार जाट वोट रालोद के हिस्से में इतनी बड़ी संख्या में खड़ा दिखाई दिया है।

रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह 2009 में पहली बार सांसद चुने गए थे, तब वो मथुरा से चुनावी मैदान में उतरे थे. इसके बाद वह 2012 में मथुरा की मांट सीट से विधायक चुने गए थे, लेकिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। मांट से लगातार जीतने वाले विधायक श्याम सुंदर शर्मा को हराने में भी जयंत सिंह कामयाब रहे थे।


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