अगर उल्लू ने आपको छू लिया तो हो जाएँगे रो’ग मुक्त, इन पशु-पक्षियों की मान्यताएँ पढ़ें..

February 19, 2021 by No Comments

पशु-पक्षी,जीव –जंतू ही प्रकृति के सबसे करीब माने जाते है । ऐसी मान्यता है कि जब भी धरती पर कोई प्राकृतिक आपदा या संकट आने वाली होती है तो सबसे पहले इस बाद का आभास इन्हीं को होता है। कहते हैं कि इंसान की तुलना में पशु–पक्षी और जीव–जंतुओं की इंद्रियां प्रकृति को बहुत अच्छे से महसूस करती है। भूकंप, बारिश,चक्रवात,आंधी–तुफान जब भी आने वाला होता है तो, इन्हें जैसे पहले से ही पता होता है.

तो आइए जानते है इनके कुछ शुभ और अशुभ संकेत: पक्षियों में कौवों का एक अहम स्थान है जिसके कई तरह के आचरण है, जिसका असर हम इंसनों के जीवन पर पड़ता है। ऐसी मान्यता है कि कौआ किसी मनुष्य के कंधे पर बैठ जाए तो इसे धनहानि या व्यक्ति के म’रने का संकेत मिलता है और अगर यही कौआ आपको रस्तें में पानी पीते हुए मिल जाए तो इसे शुभ माना जाता है। जब सूर्य देव का उदय होता है, तब यही कौआ घर के सामने कांव –कांव की आवाज़ करें तो आपको धन में वृध्दी और मान-सम्मान में चार चांद लगता है।

अगर कौआ सुबह – सुबह घर की मुंडेर ( घर किसी भी दिवार का ऊपरी हिस्सा ) पर बैठकर आवाज़ करें तो आप समझ जाइए कि, आपके घर कोई न कोई मेहमान आने वाला है। इसी तरह मेंढक और गिरिगिट को बारिश के आगमन का पूरा ज्ञान होता है,आपने देखा ही होगा कि बारिश का महिना आने से पहले ही मेंढक ज़मीन से बाहर आ जाते है और टर्र-टर्र करने लगते है। ठीक इसी तरह से गिरिगिट अपना रंग गहरा कर लेता है तो यह संकेत वर्षा के आगमन का होता है । उल्लू को मां लक्ष्मी का वाहन माना जाता है।

उल्लू के बारें में कहा जाता है कि, यदि आपकी नज़रे उल्लू से ट’करा जाएं तो आप मालामाल हो जाएंगे। और अगर यही उल्लू आपको छू कर चला जाए तो सारे रो’ग दूर हो जाते है। गाय का दूध पीता बछड़ा दिख जाना शुभ संकेत होता है । इसी तरह कुत्ते का रोना किसी के म’रने का संकेत माना जाता है । यह लेख इस बात का दावा नही करता कि ये सारी जानकारियां सही है, और इसे अपनाने से परिणाम शुभ या अशुभ होंगे , मान्यता के आधार पर ऐसा लिखा गया है ।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *