व्हाट्सअप की नई प्राइवेसी पालिसी ने किया है परेशान तो इन एप्स का भी कर सकते हैं इस्तेमाल..

January 12, 2021 by No Comments

व्हाट्सऐप ने हाल ही में अपनी प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट की है. इसी हफ़्ते लाखों भारतीय यूजर्स को व्हाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी और सेवा शर्तों को लेकर नोटिफिकेशन मिला है जो कि आठ फरवरी से लागू हो रही हैं. इन शर्तों में कहा गया है कि व्हाट्सएप पहले के मुकाबले अपनी पैरेंट कंपनी फेसबुक के साथ अधिक डाटा शेयर करेगा जिसका इस्तेमाल विज्ञापनों में होगा. अगर 8 फरवरी तक कोई यूजर नई शर्तों को स्वीकार नहीं करता है तो उसके अकाउंट को बंद कर दिया जाएगा.

अधिकतर यूज़र्स अपनी प्राइवेसी को लेकर प’रेशान हैं. बहुत से यूज़र्स को ऐप की प्राइवेसी के बारे में ढंग से पता भी नही होता. लेकिन यहां हम आपको कुछ ऐसी ऐप और सर्विस के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें प्राइवेसी के नज़रिए से अन्य दूसरे विकल्प के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं. चैट और ऑडियो/वीडियो कॉल के लिए यह वॉट्सऐप की सबसे ज़्यादा पसन्द की जाने वाली सर्विस है. लेकिन यह सर्विस आपकी चैट पर भी नज़र रखते है, वॉट्सऐप के मुकाबले टेलीग्राम और सिग्नल जैसे ऐप का इस्तेमाल आप कर सकते हैं, प्राइवेसी के मामले में यह ऐप सुरक्षित है.

सोशल नेटवर्किंग साइट के तौर पर फेसबुक सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया जाता है. वॉट्सऐप अपने यूज़र डेटा को सीधे फेसबुक पर शेयर कर रहा है, जिसके बाद फेसबुक अब इन दो अरब यूज़र के डेटा को स्ट्रीम कर सकता है, जो डेटा प्राइवेसी को लेकर चिंता का कारण बन गया है. लेकिन आपके पास वैकल्पिक सोशल नेटवर्किंग साइट्स भी उपलब्ध हैं, जो आपकी गोपनीयता पर केंद्रित हैं. यदि आप ट्विटर जैसे इंटरफेस को पसंद करते हैं, तो आप मास्टोडन इस्तेमाल सकते हैं.

जब आप इंटरनेट पर ब्रॉउसिंग करते हो तब क्रोम, एज, सफारी आदि यूज़र्स को ट्रैक करते हैं और उनके डेटा को अपनी मूल कंपनी के साथ शेयर करते हैं. इन सब से बचने के लिए आप ब्रेव ब्राउजर को ट्राय कर सकते हैं, ये ब्राउजर यूज़र की गतिविधि को ट्रैक नहीं करता है और एक इनबिल्ट एडब्लॉकर के साथ भी आता है. ईमेल सर्विस इस्तेमाल का इस्तेमाल बहुत से लोग करते हैं और प्राइवेसी के रिस्क से बचने के लिए ईमेल के अन्य विकल्प के तौर पर रिप्रोटॉनमेल सबसे सही ऑपशन है. यह ईमेल के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन प्रदान करता है.

अगर आप अपनी गोपनीयता के बारे में चिंतित हैं और अपनी सर्च हिस्ट्री को ट्रैक नहीं करना चाहते हैं तो गूगल की जगह आप DuckDuckGo का इस्तेमाल कर सकते हैं. DuckDuckGo किसी भी यूज़र की जानकारी को स्टोर नही करता क्योंकि ये यूज़र को ट्रैक नहीं करता है.वीडियो के लिए अधिकतर लोग यूट्यूब का इस्तेमाल करते है. यूट्यूब आपकी एक प्रोफाइल बनाता है और वीडियो प्ले होने के दौरान विज्ञापन दिखाने के लिए आपकी हिस्ट्री को ट्रैक करता है. Vimeo, Metacafe या DTubeजैसी एप प्राइवेसी पर ध्यान देते हैं आप इनको यूट्यूब के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं.

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