लखनऊ. लखनऊ विकास प्राधिकरण एक ऐसी संस्था है जिससे पूर्व के मु’ख्यमंत्री भी ख़ुश नहीं रहे हैं. साल 2011 में जब उत्तर प्रदेश की मुख्य’मंत्री मायावती थीं तब उन्होंने LDA के मकानों की गुणवत्ता पर सवाल उ’ठाये थे. साल 2012 में सरकार ब’दली लेकिन 2013 में तब के मु’ख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी LDA के काम से नाख़ुशी ज़ाहिर की. 2017 में सरकार फिर बदली है लेकिन LDA वर्तमान मुख्यमं’त्री योगी आदित्यनाथ को भी संतुष्ट करने में नाकाम दिख रहा है.

बुधवार के रोज़ हुई समीक्षा बैठक में योगी आदित्यनाथ LDA और आवास-विकास के निर्माण कार्यों से नाख़ुश नज़र आये. मुख्य’मंत्री इस बात से ना’राज़ दिखे कि निर्माण कार्यों में वो गुणवत्ता नहीं है जिसकी ज़रूरत है.इसी वजह से मु’ख्यमंत्री ने सभी निर्माण कार्यो की जांच के आदेश दिए हैं. आपको बता दें कि ग़’रीबों के लिए आश्रयहीन भवनों का निर्माण देवपुर में पारा में किया गया था.

पूर्व मुख्य’मंत्री मायावती ने भी साल 2011 में इसका निरीक्षण किया था और तब उन्होंने 1700 ज़र्ज़र भवनों को गि’राने का आदेश दिया था. इस मामले में अनेक अभियंताओं पर का’र्रवाई के निर्देश दिए गए थे लेकिन जो सूचि इस बारे में बनी थी वो जल्द ही दफन हो गई. बाद में जब सरस्वती अपार्टमेंट का निरी’क्षण करने तत्कालीन मुख्य’मंत्री अखिलेश यादव पहुँचे तो वो भी हाल देख कर चौंक गए.

गोमतीनगर विस्तार स्थित सरस्वती अपार्टमेंट का निरीक्षण करने पहुँचे अखिलेश ने पाया कि बेसमेंट में पानी भरा था और फ्लैट का अंदर से भी बु’रा हाल था. इसके बाद प्राधिकरण के अभियंताओं सहित सात अफसरों को नि’लंबित किया गया था. अब मु’ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी LDA से नारा’ज़ दिख रहे हैं और ऐसा हो सकता है कि आने वाले दिनों में कोई बड़ी कार्यवाई हो.

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