मुंबई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को लेकर गहमागहमी तेज़ है. भाजपा-शिवसेना और एनसीपी-कांग्रेस दोनों ही प्रचार में व्यस्त हैं, साथ ही अन्य दल भी अपनी अपनी कोशिश कर रहे हैं. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जिन दो बातों की सबसे अधिक चर्चा हो रही है उनमें से एक तो ये कि शिवसेना अपने गठबंधन में अपेक्षा से कहीं कम सीटों पर सहमत हो गई है और दूसरी बात ये है कि पहली बार शिवसेना ने ठाकरे परिवार के किसी सदस्य को उम्मीदवार बनाया है.

अब तक शिवसेना के ठाकरे परिवार में लोग चुनाव नहीं ल’ड़ते थे लेकिन राजनीति का ‘रिमोट कण्ट्रोल’ अपने पास रखते थे. बाल ठाकरे ने इसी तरह से अपनी पार्टी की इमेज बनायी थी, इसी इमेज को उद्धव ठाकरे ने भी फॉलो किया लेकिन अब पार्टी ने फ़ैसला किया है कि वो चुनाव मैदान में ठाकरे परिवार के सदस्य को उतारेगी. यही वजह है कि वर्ली विधानसभा सीट से पार्टी ने आदित्य ठाकरे को खड़ा किया है.

आदित्य ठाकरे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे हैं और इस समय शिवसेना की युवा ईकाई ‘युवा सेना’ के अध्यक्ष हैं. आदित्य को पार्टी का लिबरल चेहरा माना जाता रहा है. परन्तु ये चर्चा और तेज़ इसलिए हो जा रही है क्यूंकि पार्टी के सूत्रों ने बताया है कि आदित्य ठाकरे पार्टी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार हो सकते हैं. इस सवाल पर अपना पक्ष रखते हुए पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि राजनीति में पहला क़दम रखने का ये मतलब नहीं कि उन्हें (आदित्य) को मुख्यमंत्री बनना है.

उन्होंने कहा कि वो अभी राजनीति में आये हैं, ये शुरुआत है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेन्द्र फडनवीस ने कहा कि मैं इस बारे में आश्वस्त हूँ कि आदित्य ठाकरे बड़े अंतर से जीतेंगे और हम उन्हें विधानसभा में देखेंगे. आदित्य ठाकरे के चुनाव ल’ड़ने की ख़बर जैसे ही आयी मनसे ने भी अपनी ओर से वर्ली सीट पर कोई उम्मीदवार न खड़ा करने का फ़ैसला कर लिया. आदित्य राजनीति के इस पड़ाव में कामयाब होते हैं या उन्हें संघर्ष करना पड़ता है ये तो वक़्त बता ही देगा लेकिन अभी तो वो लगातार सुर्ख़ियाँ बटोर रहे हैं.

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