आख़िर क्यूँ क़ानून को अपने हाथ में लेते हैं कथित गौ-र’क्षक, क्या भाजपा समर्थक…

राजनीति

गौ र’क्षकों की वापसी का एक वीडियो सामने आया है।जिसमें नफ़रत की आग में झु’लसते हुए लोग कानून को हाथ में लेकर एक महिला सहित तीन लोगों को डंडे से पीट पीट कर मा’र रहे हैं।बाद में पुलिस प्रशासन ने इन पिटने वाले लोगों को गिरफ्तार कर लिया ।गोश्त के सैंपल को फोरेंसिक जांच के लिए भी भेज दिया गया। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने गौ रक्ष’कों को भी गिरफ्तार कर लिया है।

सरकार के कुछ नुमाइंदों का मानना है कि वह उन्हीं लोगों का काम करेंगे जो उनको वोट देंगे। ज़ाहिरी तौर पर जैसा कि इन पिटने वालों के नाम से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि यह उस तबक़े से थे जिसके बारे में कहा जाता है कि वह बीजेपी को वोट नहीं देते हैं।ऐसे मे उनको बीजेपी सरकार से सवाल पूछना चाहिए या नहीं यह एक अलग मुद्दा है।लेकिन जो लोग बीजेपी को वोट देते हैं उनसे तो सवाल पूछा ही जा सकता है।

तो आप लोग बताइए कि गौ र’क्षक जो खुद भी बीजेपी के समर्थक माने जाते हैं, बार बार क़ानून अपने हाथ में क्यों ले लेते हैं ? क्या उनको देश के क़ानून और मोदी जी की पुलिस पर भरोसा नहीं है।अगर मोदी जी की सेना पाकिस्तान के छक्के छुड़ा सकते हैं तो यह कथित गौ तस्क’र क्या चीज़ हैं ।अगर यह वाकई गौ मास के तस्कर थे ,क्या मोदी जी की पुलिस इनको रोक नहीं सकती थी?

मामला जिस राज्य का है ,वहाँ के मुख्यमंत्री का पिछले विधानसभा चुनाव के समय एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह इस विशेष तबक़े के बारे में कह रहे थे कि अगर इस तबक़े के वोट कम पड़े तो उनकी जीत मुश्किल हो जायेगी।उस तबक़े ने उनको वोट दिया और वह जीते भी। लेकिन क्या मुख्यमंत्री राज्य मे गौ र’क्षकों को कानून हाथ में लेने से रोकने में सक्षम नहीं हैं। क्या मुख्यमंत्री जी यक़ीन दिला सकते है कि इन कानून हाथ में लेने वाले गौ र’क्षकों को बख़्शा नहीं जायेगा।

सवाल महिला आयोग से भी है। एक महिला की सरेआम पिटाई हुई है। आप की और से कब और किस को नोटिस भेजा जायेगा।

(नूर उज़ ज़मां)

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