पटना: 5 जुलाई के दिन बिहार की राजनीति में एक नए तूफान के उठने की संभावना जताई जा रही है। इस राजनैतिक तूफान का राज्य की सियासत पर कितना असर पड़ेगा ये तो 5 जुलाई को ही पता चल पाएगा। लेकिन इतना तो तय माना जा रहा है कि राजग गठबंधन इस तूफान के आने के पहले से ही काफी प’रेशानी में नज़र आ रहा। दरअसल 5 जुलाई को बिहार में तीन राजनैतिक घटनाएं एक साथ होने जा रही हैं। ये तीनों घ’टनाएं आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति की दिशा और दशा दोनों को ही तय करेंगी।

आरजेडी की स्थापना के 25 वर्ष- 5 जुलाई को राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस बड़े मौके पर आरजेडी बड़ा आयोजन करने जा रही है। खबर है कि स्थापना दिवस पर होने वाले आयोजन को लालू प्रसाद यादव वर्चुअली संबोधित कर सकते हैं। आरजेडी की यह मंशा है कि लालू प्रसाद यादव के संबोधन से उनके स्वास्थ्य के बारे में जो अ’फवाहें राज्य में उड़ रही हैं उस पर लगाम लग जायेगी।

साथ ही साथ पार्टी व कार्यकर्ताओं में नया जोश व उम्मीद जग जाएगी। तेजस्वी यादव ने पांच जुलाई के आयोजन को सफल बनाने के लिए अपने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने के लिए आह्वान करते हुए कहा है कि राजद ने स्थापना से लेकर आज तक कभी भी सत्ता के लिए ना ही अपने संकल्प और ना ही अपने सिद्धांतों और विचारधारा से समझौता किया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि पार्टी की जो नीति सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत की रही है, उसे लालू प्रसाद को प्र’ताड़ित करने के बावजूद कभी झुकने नहीं दिया गया।

वहीं वरिष्ठ आरजेडी नेता श्याम रजक ने बताया है कि आरजेडी के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पार्टी बिहार व देश मे महंगाई,अ’राजकता के खिलाफ ल’ड़ाई का आह्वान करेगी। इस आयोजन से राजनैतिक जानकर यह आंकलन लगा रहे हैं कि 5 जुलाई को राज्य की सियासत में कुछ भी हो सकता है। इसकी भी संभावना जताई जा रही है कि राज्य की सत्ता महागठबंधन के हाथ भी आ सकती है। क्योंकि जिस तरह से तेजस्वी यादव राजग गठबंधन पर आ’क्रामक हैं उससे अंदाज़ यही लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में बिहार की सियासत में कुछ बड़ा ज़रूर होने जा रहा है।

चिराग की आशीर्वाद यात्रा- राज्य की दूसरी घटना 5 जुलाई को निकलने वाली चिराग पासवान की आशीर्वाद यात्रा है। लोक जनशक्ति पार्टी में दो फा’ड़ के बाद पार्टी पर क’ब्ज़ा बनाये रखने के लिए चिराग पासवान जनता से हमदर्दी बटोरने के लिए 5 जुलाई को पूरे बिहार की आशीर्वाद यात्रा यात्रा पर निकल रहे हैं। चिराग का यह दां’व जनता से हमदर्दी पाने के साथ पार्टी पर अपना दावा मज़बूत करने के लिए भी है। चिराग यह जानते हैं कि अगर जनता का आशीर्वाद उनको मिल गया तो उनके राजनैतिक कद के साथ साथ पार्टी की पकड़ का दावा भी मज़बूत हो जाएगा।

वहीं दूसरी तरफ चिराग के चाचा पशुपतिनाथ पारस भी 5 जुलाई को पटना में एक बड़ा आयोजन करने जा रहे हैं इस आयोजन से पशुपतिनाथ यह संदेश पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं को देना चाह रहे हैं कि अब आगे उन्ही के नेतृत्व में ही सबको कार्य करना होगा और आगे बढ़ना होगा। राजग भी इन सभी घ’टनाओं को अपनी पैनी नज़र से देख रही है। चिराग व पशुपतिनाथ में जो भी अपने आयोजन में सफल होगा उसी का कद राजग में ऊंचा उठेगा। फ़िलहाल इतना तो तय देखा जा रहा है कि 5 जुलाई से बिहार में राजनैतिक उ’फ़ान अपने च’रम पर होगा।

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