रोशन बेग समेत 14 बाग़ी विधायकों पर स्पीकर ने सुनाया फ़ैसला, अब कर्णाटक में होगा..

बेंगलुरु: कर्णाटक में भाजपा के नेता बीएस येदयुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है लेकिन अभी भी नई बनी सरकार को विश्वास मत का सामना करना है. कल कर्णाटक की नई सरकार विश्वास मत का सामना करेगी. भाजपा नेता दावा कर रहे हैं कि वो विश्वास मत को जी’त लेंगे लेकिन कहीं न कहीं भाजपा के बड़े नेताओं को इस बात का डर भी सता रहा है कि कहीं कांग्रेस-जेडीएस ने कुछ खेल बिगाड़ दिया तो.

इस बीच कांग्रेस ने अपने विधायकों की कल मीटिंग बुलाई है. दूसरी तरफ़ स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कहा कि बीएस येदयुरप्पा ने मुझसे कहा है कि मैं कल विश्वासमत की कार्यवाई को देखूँ. उन्होंने कहा कि फाइनेंस बिल भी 31 जुलाई को लेप्स होने की कगार पर है…उन्होंने सभी विधायकों से अपील की कि विश्वास मत के दौरान मौजूद रहें.


कर्णाटक विधानसौधा के स्पीकर कुमारने आज 14 और विधायकों को निष्कासित कर दिया. इनमें रोशन बेग, आनंद सिंह, एच विश्वनाथ, एसटी सोमशेखर शामिल हैं. कुमार ने बताया कि जिन भी विधायकों को निलंबित किया गया है वो 15वीं विधानसभा के ख़’त्म होने तक चुनाव नहीं ल’ड़ सकेंगे. उन्होंने अफ़सोस जताते उए कहा कि हम कहाँ पहुँच गए हैं? जिस तरह मुझे पिछले दिनों दबाने की कोशिश की गई….इन सभी चीज़ों ने मुझे अ’वसाद की ओर धकेल दिया है.स्पीकर ने साथ ही वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयपाल रेड्डी के गुज़र जाने पर दुःख जताया. वो उनके बारे में बात करते हुए रुआन्सू से हो गए.

क्यूँ किया गया निलंबित
कर्णाटक में इसके पहले कुमारस्वामी की सरकार थी. जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन वाली ये सरकार उस वक़्त संकट में आ गई जब जेडीएस और कांग्रेस के कुछ विधायकों ने इस्तीफ़े दिए. परन्तु ये इस्तीफ़े कथित रूप से सही फॉर्मेट में नहीं थे, इस कारण स्पीकर ने इन इस्तीफ़ों को एक्सेप्ट नहीं किया. असल में ये सभी विधायक पार्टी व्हिप से बचना चाहते थे.

पार्टी व्हिप से बचने से वो विश्वास मत में वोटिंग से बच जाते लेकिन स्पीकर ने इनके इस्तीफ़े को ठीक नहीं पाया. कांग्रेस और जेडीएस ने इन नेताओं के इस्तीफ़े के पीछे भाजपा का हाथ माना. कांग्रेस और जेडीएस ने दावा किया कि भाजपा कुमारस्वामी सरकार को गिराना चाहती है और यही कारण है कि विधायकों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वो इस्तीफ़ा दें. भाजपा ने इन सभी आरोपों का खं’डन किया.

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